कारक और उपपद विभक्तियाँ: कौन-सा कारक और कौन-सा उपपद शब्द किस विभक्ति के साथ आता है, और वाक्य में शब्द का उचित रूप भरना।
| द्वितीया | कर्म; उभयतः, परितः, समया, निकषा, प्रति, धिक् |
| तृतीया | करण; सह, साकम्, समम्, सार्धम्, अलम्, हीन |
| चतुर्थी | सम्प्रदान; रुच्, दा (यच्छ्), कुप्, नमः, स्वस्ति |
| पञ्चमी | अपादान; भी, रक्ष्, बहिः, ऋते |
| षष्ठी | सम्बन्ध; उपरि, अधः, पुरतः, पृष्ठतः |
| सप्तमी | अधिकरण; स्निह्, विश्वस्, निपुण, पटु |
| एक से अधिक | विना: द्वितीया/तृतीया/पञ्चमी; सदृश: तृतीया/षष्ठी; निर्धारण (सबमें श्रेष्ठ): षष्ठी/सप्तमी |
कोष्ठक में दिए गए शब्दों के उचित रूप से रिक्त स्थान भरिए: (क) ____ पृष्ठतः वाटिका अस्ति। (गृह) (ख) ____ निकषा नदी वहति। (ग्राम) (ग) धिक् ____। (दुर्जन)
Working: ‘पृष्ठतः’ के योग में षष्ठी विभक्ति; ‘निकषा’ के योग में द्वितीया विभक्ति; ‘धिक्’ के योग में द्वितीया विभक्ति
Answer: (क) गृहस्य (ख) ग्रामम् (ग) दुर्जनम्