संस्कृत सङ्ख्याएँ 1 से 100 (1 से 4 तीनों लिङ्गों में) और स्थान, काल तथा प्रश्न बताने वाले सामान्य अव्यय।
| दहाइयाँ | दश (10), विंशतिः (20), त्रिंशत् (30), चत्वारिंशत् (40), पञ्चाशत् (50), षष्टिः (60), सप्ततिः (70), अशीतिः (80), नवतिः (90), शतम् (100) |
| 11 से 18 | एकादश, द्वादश, त्रयोदश, चतुर्दश, पञ्चदश, षोडश, सप्तदश, अष्टादश |
| उदाहरण | 22 द्वाविंशतिः; 33 त्रयस्त्रिंशत्; 42 द्विचत्वारिंशत् / द्वाचत्वारिंशत्; 66 षट्षष्टिः; 96 षण्णवतिः |
| स्थानबोधक | अत्र (यहाँ), तत्र (वहाँ), सर्वत्र (सब जगह), अन्यत्र (दूसरी जगह), एकत्र (एक जगह) |
| कालबोधक | अद्य (आज), श्वः (आने वाला कल), ह्यः (बीता हुआ कल), अधुना (अब), सर्वदा (हमेशा), एकदा (एक बार) |
| प्रश्नबोधक | कुत्र (कहाँ), कदा (कब), कुतः (कहाँ से), कथम् (कैसे), कति (कितने), किमर्थम् (किसलिए) |
| अन्य | च (और), अपि (भी), एव (ही), तु (लेकिन), सम्यक् (अच्छी तरह) |
संस्कृत सङ्ख्या-शब्दों में उत्तर लिखिए: (क) षट् + द्वादश = ? (ख) सप्तत्रिंशत् − एकादश = ?
Working: 6 + 12 = 18; 37 − 11 = 26
Answer: (क) अष्टादश (ख) षड्विंशतिः