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CBSE · Class 11 · Hindi

अपठित काव्यांश

Standard difficulty · 20 questions · 40 marks · Time: 43 minutes

Name: Date: Score: ____ / 40

Write full answers in Sections B and C. Answers are on the last page — try every question first!

Section A — Choose the correct answer8 × 1 = 8 marks
1.
नीचे दिया गया पद्यांश पढ़कर उत्तर दीजिए।

उमड़-घुमड़ कर बादल आए,
नभ में काले डेरे छाए।
प्यासी धरती ने मुँह खोला,
पेड़ों ने भी हाथ उठाए।

‘पेड़ों ने भी हाथ उठाए’ में पेड़ों की कौन-सी भावना प्रकट हुई है?
  1. वर्षा के स्वागत की प्रसन्नता
  2. डर
  3. थकान
  4. क्रोध
2.
नीचे दिया गया पद्यांश पढ़कर उत्तर दीजिए।

धूप-ताप में तपते रहते,
फिर भी चेहरे पर मुसकान,
उनके श्रम से रोटी पकती,
उनके दम पर टिका जहान।

धूप-ताप में तपने पर भी श्रमिकों के चेहरे पर क्या रहता है?
  1. क्रोध
  2. उदासी
  3. मुसकान
  4. डर
3.
नीचे दिया गया पद्यांश पढ़कर उत्तर दीजिए।

तुमने मेरी कमियाँ देखीं,
फिर भी मुझसे मुँह न मोड़ा,
सच कहने का साहस रखा,
पर विश्वास कभी न तोड़ा।

मित्र ने कवि की कमियाँ देखकर क्या किया?
  1. उससे मुँह नहीं मोड़ा
  2. उसे छोड़ दिया
  3. उसका मज़ाक़ उड़ाया
  4. सबको बता दिया
4.
इस पंक्ति में कौन-सा अलंकार है?
‘फूल मुसकराकर भौंरों का स्वागत कर रहे थे।’
  1. मानवीकरण
  2. उपमा
  3. श्लेष
  4. रूपक
5.
इस पंक्ति में कौन-सा अलंकार है?
‘बादल रूठकर दूर पहाड़ों पर जा बैठे।’
  1. मानवीकरण
  2. रूपक
  3. उत्प्रेक्षा
  4. श्लेष
6.
नीचे दिया गया पद्यांश पढ़कर उत्तर दीजिए।

बीता पल फिर हाथ न आए,
चाहे कोई कितना पछताए,
आज जो बोओगे खेतों में,
कल वही फ़सल लहराए।

पद्यांश में प्रतीक ‘फ़सल’ का अर्थ है:
  1. जीवन की मूल आवश्यकताएँ
  2. श्रमिक और उनका परिश्रम
  3. जीवन की बदलती परिस्थितियाँ
  4. कर्मों का फल
7.
नीचे दिया गया पद्यांश पढ़कर उत्तर दीजिए।

जब राहें लगती थीं सूनी,
तुमने आकर हाथ बढ़ाया,
हार गया जब भी मैं थककर,
तुमने फिर से मुझे उठाया।

पद्यांश में आए शब्द ‘बढ़ाया’ का अर्थ है:
  1. आगे किया
  2. छोटे-बड़े तालाब
  3. घड़ी के काँटे
  4. घर के बीच का खुला भाग
8.
नीचे दी गई कविता पढ़कर उत्तर दीजिए।

ईंट-ईंट जोड़ी जिन हाथों ने,
उनसे ही ये भवन खड़े हैं,
पत्थर तोड़ जिन्होंने पुल बाँधे,
उनके सपने सबसे बड़े हैं।

धूप-ताप में तपते रहते,
फिर भी चेहरे पर मुसकान,
उनके श्रम से रोटी पकती,
उनके दम पर टिका जहान।

जो हाथ गढ़ें यह सारी दुनिया,
उनका मान बढ़ाना है,
छोटा कोई काम नहीं है,
यह सबको समझाना है।

इस कविता के लिए सबसे उपयुक्त शीर्षक है:
  1. ऊँचे भवन
  2. धूप और ताप
  3. श्रम के हाथ
  4. भोर का संदेश
Section B — Short answer8 × 2 = 16 marks
9.
नीचे दिया गया पद्यांश पढ़कर उत्तर दीजिए।

जो हाथ गढ़ें यह सारी दुनिया,
उनका मान बढ़ाना है,
छोटा कोई काम नहीं है,
यह सबको समझाना है।

कविता से हमें क्या संदेश मिलता है?
10.
नीचे दिया गया पद्यांश पढ़कर उत्तर दीजिए।

घड़ी की सुइयाँ कहती हैं,
टिक-टिक करके हर दिन-रात,
काम करो, आलस मत करना,
याद रखो बस इतनी बात।

इस पद्यांश का भाव अपने शब्दों में लिखिए।
11.
नीचे दिया गया पद्यांश पढ़कर उत्तर दीजिए।

जो हाथ गढ़ें यह सारी दुनिया,
उनका मान बढ़ाना है,
छोटा कोई काम नहीं है,
यह सबको समझाना है।

पद्यांश में आए शब्द ‘मान’ का अर्थ लिखिए।
12.
नीचे दिया गया पद्यांश पढ़कर उत्तर दीजिए।

उमड़-घुमड़ कर बादल आए,
नभ में काले डेरे छाए।
प्यासी धरती ने मुँह खोला,
पेड़ों ने भी हाथ उठाए।

पद्यांश में आए शब्द ‘नभ’ का अर्थ लिखिए।
13.
नीचे दिया गया पद्यांश पढ़कर उत्तर दीजिए।

दिन भर भागा, थककर बैठा,
अब शहर ओढ़ रहा है रात।
सड़कों पर बत्तियाँ जलीं,
जैसे तारों की बारात।

पद्यांश में आए शब्द ‘ओढ़’ का अर्थ लिखिए।
14.
इस पंक्ति में प्रयुक्त अलंकार का नाम लिखिए और कारण बताइए।
‘मधुर मंद मलय की महक मन में बस गई।’
15.
इस पंक्ति में प्रयुक्त अलंकार का नाम लिखिए और कारण बताइए।
‘परिश्रमी किसान चट्टान जैसा अडिग खड़ा रहा।’
16.
नीचे दिया गया पद्यांश पढ़कर उत्तर दीजिए।

ईंट-ईंट जोड़ी जिन हाथों ने,
उनसे ही ये भवन खड़े हैं,
पत्थर तोड़ जिन्होंने पुल बाँधे,
उनके सपने सबसे बड़े हैं।

पद्यांश में प्रतीक ‘हाथ’ का अर्थ स्पष्ट कीजिए।
Section C — Longer answers4 × 4 = 16 marks
17.
नीचे दी गई कविता पढ़कर उत्तर दीजिए।

उमड़-घुमड़ कर बादल आए,
नभ में काले डेरे छाए।
प्यासी धरती ने मुँह खोला,
पेड़ों ने भी हाथ उठाए।

छत पर नाचीं टप-टप बूँदें,
आँगन में भर आया पानी।
कागज़ की नावें ले आए,
बच्चे करते हैं मनमानी।

खेतों में अंकुर मुसकाए,
ताल-तलैया भर-भर आए।
धूल धुली, धुल गया धुआँ भी,
बादल नवजीवन ले आए।

(क) कविता का उचित शीर्षक लिखिए। (ख) कविता का केंद्रीय भाव लिखिए। (ग) वर्षा में बच्चों की प्रसन्नता का वर्णन पद्यांश के आधार पर कीजिए। (घ) कविता में प्रतीक ‘अंकुर’ का अर्थ लिखिए।
18.
नीचे दी गई कविता पढ़कर उत्तर दीजिए।

मैं पेड़ खड़ा हूँ राहों में,
धूप सहूँ, छाया बाँटूँ,
आँधी आए, पानी बरसे,
फिर भी मैं हिम्मत न हारूँ।

मेरी डालों पर चिड़ियों ने
तिनका-तिनका नीड़ बनाया,
थके पथिक ने मेरे नीचे
दो पल बैठ सुकून पाया।

सबको देता साँसें, फल भी,
लकड़ी, औषधि, ठंडी छाया,
फिर भी मुझ पर चली कुल्हाड़ी,
मानव, तुझको तरस न आया?

(क) कविता का उचित शीर्षक लिखिए। (ख) कविता का केंद्रीय भाव लिखिए। (ग) पेड़ पक्षियों और यात्रियों के लिए कैसे उपयोगी है? (घ) कविता में प्रतीक ‘आँधी’ का अर्थ लिखिए।
19.
नीचे दी गई कविता पढ़कर उत्तर दीजिए।

जब राहें लगती थीं सूनी,
तुमने आकर हाथ बढ़ाया,
हार गया जब भी मैं थककर,
तुमने फिर से मुझे उठाया।

तुमने मेरी कमियाँ देखीं,
फिर भी मुझसे मुँह न मोड़ा,
सच कहने का साहस रखा,
पर विश्वास कभी न तोड़ा।

दूर रहें या पास रहें हम,
यह नाता कुछ ऐसा है,
जैसे धरती और गगन का,
हर मौसम में वैसा है।

(क) कविता का उचित शीर्षक लिखिए। (ख) कविता का केंद्रीय भाव लिखिए। (ग) मित्रता को धरती और गगन जैसा क्यों कहा गया है? (घ) कविता में प्रतीक ‘सूनी राहें’ का अर्थ लिखिए।
20.
नीचे दी गई कविता पढ़कर उत्तर दीजिए।

समय नदी-सा बहता जाता,
पल भर भी यह रुक न पाता,
जो इसके संग चलना सीखे,
वही किनारे तक है जाता।

बीता पल फिर हाथ न आए,
चाहे कोई कितना पछताए,
आज जो बोओगे खेतों में,
कल वही फ़सल लहराए।

घड़ी की सुइयाँ कहती हैं,
टिक-टिक करके हर दिन-रात,
काम करो, आलस मत करना,
याद रखो बस इतनी बात।

(क) कविता का उचित शीर्षक लिखिए। (ख) कविता का केंद्रीय भाव लिखिए। (ग) घड़ी की टिक-टिक हमें क्या याद दिलाती है? (घ) कविता में प्रतीक ‘किनारा’ का अर्थ लिखिए।
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Answer key

अपठित काव्यांश · AW-11H-APK-2026-V1 · For parents — fold back or tear off before handing the sheet to your child.

QAnswerWorking
1(a) वर्षा के स्वागत की प्रसन्नताआकाश में काले बादल उमड़-घुमड़ कर छा गए हैं; प्यासी धरती और पेड़ प्रसन्न होकर उनका स्वागत करते हैं।
2(c) मुसकानश्रमिक धूप-ताप सहकर भी मुसकराते रहते हैं; उनके श्रम से ही रोटी पकती है और संसार चलता है।
3(a) उससे मुँह नहीं मोड़ामित्र ने कवि की कमियाँ जानकर भी उसका साथ नहीं छोड़ा; उसने सच कहा, पर विश्वास कभी नहीं तोड़ा।
4(a) मानवीकरणफूलों को मनुष्य की तरह मुसकराते और स्वागत करते दिखाया गया है।
5(a) मानवीकरणबादलों को मनुष्य की तरह रूठते दिखाया गया है।
6(d) कर्मों का फल—
7(a) आगे कियाबढ़ाया: आगे किया
8(c) श्रम के हाथशीर्षक पूरी कविता का केंद्रीय भाव बताता है।
9हर प्रकार के श्रम और श्रमिक का आदर करना चाहिए, क्योंकि कोई काम छोटा नहीं होता।उत्तर पद्यांश पर आधारित हो।
10घड़ी की सुइयाँ दिन-रात यही याद दिलाती हैं कि आलस छोड़कर काम करते रहो।भाव में पद्यांश की मुख्य बात अपने शब्दों में आए, पंक्तियाँ दोहराई न जाएँ।
11आदरइसी अर्थ वाला कोई भी शब्द या वाक्यांश।
12आकाशइसी अर्थ वाला कोई भी शब्द या वाक्यांश।
13चादर की तरह ऊपर डालइसी अर्थ वाला कोई भी शब्द या वाक्यांश।
14अनुप्रास: ‘म’ वर्ण की बार-बार आवृत्ति है।—
15उपमा: किसान की तुलना चट्टान से ‘जैसा’ वाचक शब्द द्वारा की गई है।—
16श्रमिक और उनका परिश्रमप्रतीक का अर्थ पद्यांश के भाव से जुड़ा होना चाहिए।
17(क) बादल आए (ख) वर्षा के आने से धरती, पेड़, बच्चे और खेत सब प्रसन्न हो उठते हैं; बादल नया जीवन लेकर आते हैं। (ग) छत पर बूँदें नाचती हैं, आँगन में पानी भर आता है और बच्चे कागज़ की नावें चलाकर मनमानी करते हैं। (घ) नई आशा और नया जीवनकेंद्रीय भाव में पूरी कविता की मुख्य बात आए; बाकी उत्तर कविता पर आधारित हों।
18(क) पेड़ की पुकार (ख) पेड़ बिना कुछ माँगे सबको देता है, फिर भी मनुष्य उसे काटता है; कविता पेड़ों की रक्षा का संदेश देती है। (ग) पक्षी उसकी डालों पर घोंसले बनाते हैं और थके यात्री उसकी छाया में आराम पाते हैं। (घ) जीवन की कठिनाइयाँकेंद्रीय भाव में पूरी कविता की मुख्य बात आए; बाकी उत्तर कविता पर आधारित हों।
19(क) मित्र के नाम (ख) सच्चा मित्र कठिन समय में साथ देता है, सच कहता है और विश्वास निभाता है; ऐसी मित्रता हर परिस्थिति में बनी रहती है। (ग) धरती और आकाश दूर रहकर भी सदा साथ रहते हैं; वैसे ही यह मित्रता दूरी और हर परिस्थिति में बनी रहती है। (घ) अकेलापन और कठिन समयकेंद्रीय भाव में पूरी कविता की मुख्य बात आए; बाकी उत्तर कविता पर आधारित हों।
20(क) समय की धारा (ख) समय लगातार बहता है और बीता पल लौटता नहीं; इसलिए हर पल का सदुपयोग करके परिश्रम करना चाहिए। (ग) कि समय बीत रहा है, इसलिए आलस छोड़कर काम करते रहना चाहिए। (घ) लक्ष्य या सफलताकेंद्रीय भाव में पूरी कविता की मुख्य बात आए; बाकी उत्तर कविता पर आधारित हों।