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Class 12 अपठित गद्यांश worksheet
CBSE Hindi. Longer unseen argumentative passages on technology, cities, failure, information, work and nature: facts, word meanings, title and central idea. Every sheet has 20 questions in three sections and an answer key, and the words change every time.
Sample questions
Real questions from this chapter, as the app sets them. Tap Answer to see the answer and working.
Section A · multiple choice
- 1.
नीचे दिया गया अंश पढ़कर उत्तर दीजिए। वास्तव में असफलता हमें वह सिखाती है जो सफलता कभी नहीं सिखा पाती। जब कोई प्रयास सफल होता है, तो हम प्रायः उसके कारणों पर विचार नहीं करते। पर असफलता हमें रुककर सोचने को विवश करती है कि कहाँ चूक हुई, कौन-सी तैयारी अधूरी थी और किस धारणा को बदलना चाहिए। इसी ईमानदार विश्लेषण से अगली बार का रास्ता निकलता है। सफल होने पर हम प्रायः क्या नहीं करते?
- अगला लक्ष्य बनाना
- दूसरों को बताना
- उत्सव मनाना
- सफलता के कारणों पर विचार
Answer
(d) सफलता के कारणों पर विचार
उत्तर अंश में दिया है; बाकी विकल्प अंश से मेल नहीं खाते।
- 2.
नीचे दिया गया अंश पढ़कर उत्तर दीजिए। ठहराव का अर्थ आलस नहीं है। इसका अर्थ है जो कर रहे हैं, उसे पूरे ध्यान से करना। भोजन करते समय केवल भोजन करना, मित्र से बात करते समय केवल उसकी बात सुनना और दिन में कुछ पल अपने साथ बिताना। जब हम हर काम को जल्दी निपटाने की जगह उसे जीना सीखते हैं, तो कम समय में भी अधिक संतोष मिलता है। जीवन एक दौड़ नहीं, एक यात्रा है जिसका आनंद रास्ते में ही है। लेखक के अनुसार ठहराव का अर्थ क्या है?
- सारा काम छोड़ देना
- दिन भर सोते रहना
- जो कर रहे हैं, उसे पूरे ध्यान से करना
- किसी से बात न करना
Answer
(c) जो कर रहे हैं, उसे पूरे ध्यान से करना
उत्तर अंश में दिया है; बाकी विकल्प अंश से मेल नहीं खाते।
- 3.
नीचे दिया गया अंश पढ़कर उत्तर दीजिए। विद्यालयों में खेल केवल पदक जीतने के लिए नहीं, चरित्र गढ़ने के लिए होने चाहिए। प्रशिक्षक यदि केवल परिणाम पर ध्यान दें, तो बच्चे हार से डरने लगते हैं और खेल का आनंद खो देते हैं। पर जब प्रयास, अनुशासन और ईमानदारी की प्रशंसा होती है, तो बच्चे सीखते हैं कि सच्ची जीत अपने पिछले प्रदर्शन से बेहतर करने में है, किसी दूसरे को नीचा दिखाने में नहीं। लेखक के अनुसार विद्यालयों में खेल किसलिए होने चाहिए?
- चरित्र गढ़ने के लिए
- केवल परीक्षा के अंकों के लिए
- केवल प्रसिद्धि के लिए
- केवल समय बिताने के लिए
Answer
(a) चरित्र गढ़ने के लिए
उत्तर अंश में दिया है; बाकी विकल्प अंश से मेल नहीं खाते।
Section B · short answer
- 4.
नीचे दिया गया अंश पढ़कर उत्तर दीजिए। धरती के नीचे जमा पानी सदियों में धीरे-धीरे भरता है, पर हम उसे कुछ ही दशकों में खाली करते जा रहे हैं। खेती, उद्योग और शहरों की बढ़ती माँग पूरी करने के लिए गहरे नलकूप लगातार पानी खींच रहे हैं। जिन क्षेत्रों में कभी कुएँ साल भर भरे रहते थे, वहाँ अब गर्मियों में पानी के टैंकरों की प्रतीक्षा होती है। यह संकट धीरे आता है, इसलिए अक्सर दिखाई नहीं देता। भूजल पर किन-किन क्षेत्रों की माँग का दबाव है?
Answer
खेती, उद्योग और शहरों की बढ़ती माँग का।
उत्तर अंश पर आधारित हो, अपने शब्दों में।
- 5.
नीचे दिया गया अंश पढ़कर उत्तर दीजिए। मनुष्य सदा से आकाश को आश्चर्य से निहारता आया है। कभी तारों से दिशा पहचानी गई, कभी उनकी गति से ऋतुओं का अनुमान लगाया गया। आज वही जिज्ञासा उपग्रहों और अंतरिक्ष यानों के रूप में साकार हो रही है। कुछ लोग पूछते हैं कि जब धरती पर इतनी समस्याएँ हैं, तब अंतरिक्ष पर धन ख़र्च करना कहाँ तक उचित है। मनुष्य की प्राचीन जिज्ञासा आज किस रूप में साकार हो रही है?
Answer
उपग्रहों और अंतरिक्ष यानों के रूप में।
उत्तर अंश पर आधारित हो, अपने शब्दों में।
Section C · long answer
- 6.
नीचे दिया गया गद्यांश पढ़कर उत्तर दीजिए। एक समय था जब सूचना पाना कठिन था और लोग समाचार के लिए दिन भर प्रतीक्षा करते थे। आज स्थिति उलटी है। हर क्षण हमारे फ़ोन पर संदेश, वीडियो और समाचार बरसते रहते हैं। समस्या अब सूचना की कमी नहीं, उसकी बाढ़ है। इस बाढ़ में सच्ची और झूठी बातें इस तरह घुल-मिल जाती हैं कि उन्हें अलग करना कठिन हो जाता है। झूठी ख़बरें प्रायः सच से अधिक तेज़ी से फैलती हैं, क्योंकि वे हमारी भावनाओं को सीधे छूती हैं। कोई सनसनीखेज़ शीर्षक हमें चौंकाता है, डराता है या क्रोधित करता है, और हम बिना सोचे उसे आगे भेज देते हैं। हमें लगता है कि हम दूसरों को सावधान कर रहे हैं, पर वास्तव में हम अफ़वाह की शृंखला की एक कड़ी बन जाते हैं। कई बार ऐसी अफ़वाहें लोगों के बीच अविश्वास और भय फैला देती हैं। सत्य की परख के लिए किसी विशेष यंत्र की नहीं, कुछ आदतों की आवश्यकता है। कोई भी सूचना आगे भेजने से पहले उसका स्रोत देखें, विश्वसनीय समाचार माध्यमों से उसकी पुष्टि करें और यह सोचें कि वह हमें किसी विशेष भावना में बहाने की कोशिश तो नहीं कर रही। ठहरकर सोचना ही इस युग की सबसे बड़ी बुद्धिमानी है। जो व्यक्ति संदेह करना और प्रमाण माँगना सीख लेता है, वह सूचना की बाढ़ में भी डूबता नहीं। (क) गद्यांश का उचित शीर्षक लिखिए। (ख) गद्यांश का मूल भाव दो-तीन वाक्यों में लिखिए। (ग) सूचना के संबंध में पहले और आज की स्थिति में क्या अंतर है? (घ) ‘सनसनीखेज़’ शब्द का अर्थ लिखिए।
Answer
(क) सूचना की बाढ़ और सत्य की परख (ख) सूचनाओं की बाढ़ में झूठी ख़बरें तेज़ी से फैलती हैं; स्रोत जाँचकर, ठहरकर और संतुलित ढंग से सोचकर ही हम सत्य तक पहुँच सकते हैं। (ग) पहले सूचना पाना कठिन था और लोग दिन भर प्रतीक्षा करते थे; आज हर क्षण सूचनाएँ बरसती रहती हैं। (घ) सनसनीखेज़: उत्तेजना और हलचल पैदा करने वाला
शीर्षक छोटा हो और पूरे गद्यांश का विषय बताए; मूल भाव में सभी अनुच्छेदों की मुख्य बात आए; बाकी उत्तर गद्यांश पर आधारित हों।
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